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श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 15 श्लोक -1, 4, 16, 17 में कहा गया है जो संत इस संसार रूपी उलटे लटके हुए वृक्ष के सभी विभाग बता देगा वह पूर्ण गरू / सच्चा सतगरू है । यह तत्वज्ञान केवल संत रामपाल जी महाराज जी ही बता रहे हैं।



ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2, 5, सुक्त 162 मंत्र 5, सुक्त 163 मंत्र 1 - 3 में स्पष्ट है कि यदि रोगी की जीवन शक्ति नष्ट हो गई हो और रोगी मृत्यु के समीप पहुंच गया हो तो भी परमात्मा उसको सही करके सौ वर्ष की आयु प्रदान करता है।

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